शिकस्त ओ फ़त्ह मियाँ

शिकस्त ओ फ़त्ह मियाँ

शिकस्त ओ फ़त्ह मियाँ इत्तिफ़ाक़ है लेकिन, मुक़ाबला तो [simple_tooltip content=’कमज़ोर दिल, weak heart’]दिल-ए-ना-तवाँ[/simple_tooltip] ने ख़ूब किया। shikast o fath miyaan ittifaaq hai lekin, muqaabala to dil-e-na-tavaan ne khoob...
कहाँ तो तय था

कहाँ तो तय था

कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए, कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए। kahaan to tay tha charaagaan har ek ghar ke lie, kahaan charaag mayassar nahin shahar ke...
तुझ से मिलने को

तुझ से मिलने को

तुझ से मिलने को बे-क़रार था दिल, तुझ से मिल कर भी बे-क़रार रहा। tujh se milane ko be-qaraar tha dil, tujh se mil kar bhee be-qaraar raha.
उन का या अपना

उन का या अपना

उन का या अपना तमाशा देखो, जो दिखाता है ज़माना देखो। un ka ya apana tamaasha dekho, jo dikhaata hai zamaana dekho.
छुरी का तीर का

छुरी का तीर का

छुरी का तीर का तलवार का तो घाव भरा, लगा जो ज़ख़्म ज़बाँ का रहा हमेशा हरा। chhuree ka teer ka talavaar ka to ghaav bhara, laga jo zakhm zabaan ka raha hamesha...